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एक अपील

ऐ घर पे बैठे तमाशबीन लोग लुट रहा है मुल्क, कब तलक रहोगे खामोश शिकवा नहीं है उनसे, जो है बेखबर पर तु तो सब जानता है, मैदान में क्यों नही...

Tuesday, 6 January 2015

आओ पहल करे

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किसी रूठे को मनाने का, किसी का बिगड़ी बनाने का
कोई रोते को हँसाने का, किसी भूखे को खिलाने का
थोड़ा ही सही, पर कुछ तो चहल करे
आओ पहल करे, आओ पहल करे

किसी का दर्द मिटाने का, अनपढों को पढ़ाने का
किसी को न्याय दिलाने का, बेवजह मुस्कुराने का
छोटा सा ही सही, पर प्रयास सफल करे
आओ पहल करे आओ पहल करे

धर्म और जात पात का, भाषा और क्षेत्रवाद का
अमीर और गरीब का, अपने अच्छे नसीब का
अहं को छोड़कर,झगडो को खतम करे
आओ पहल करे, आओ पहल करे

छत नहीं है जिसके पास, सोता जो खुले आकाश
कपकपाती ठण्ड में, कम्बल की जिसको है आस
रैन बसेरो का प्रबंध कर, कुछ की समस्या तो हल करे
आओ पहल करे, आओ पहल करे




Sunday, 28 December 2014

ख़ामोशी

3 comments:
किसी ने मुझसे कहा क्यों खामोश है इतना भुप्पी
अब तोड़ भी दे अपनी चुप्पी
मैंने कहा लोकतंत्र की हत्या देख रहा हूँ
उसके पुनर्जन्म की बाट जोह रहा हूँ
क्या गीता में श्रीकृष्ण की बात झूठी हो गई
अधर्म ही यहाँ रीति हो गई
खामोश हूँ मुझे खामोश ही रहने दो
बहुत की बोलने की कोशिश अब मुझे चुप रहने दो

उसने कहा याद कर इतने दिनों तक तु लड़ा
अब क्यों है चुपचाप खड़ा
इतने दिनों की तेरी मेहनत जायेगी व्यर्थ
ऐसा ना कर तु अनर्थ
मैंने कहा बात तुम्हारी सच्ची है
सोचने पर जचती है
तन के दुःख को बड़ा मान लिया
अब अपनी असलियत पहचान लिया
दौड़ दौड़ के गया था थक
छोटी मुश्किलों में ही गया था अटक
अब फिर से मुझको लड़ना है
अपनी किस्मत खुद गढ़ना है 

Saturday, 20 September 2014

प्रयास

1 comment:
जीत हार तो है, एक मामूली सी बात
मूल्यवान तो है, तेरा ये प्रयास रे
मुश्किलों का क्या, ये तो मिलती है हर कही
जीत जायेगा तु, मुश्किलों को सभी
खुद पर तो कर विश्वास रे
कर प्रयास रे, कर प्रयास रे

कर मुकाबला हर हालात का
आंधी तूफ़ान हो या जज्बात का
ना रोक कदम, डरकर के कभी
हँसकर पी जा, घुट गम के सभी
टूट ना पाए तेरी ये आस रे
कर प्रयास रे, कर प्रयास रे

ना समझ खुद को कमजोर तु
हिम्मत लगा पुरजोर तु
अपनी शक्तियों की कर पहचान
मिट जायेगा तेरा अज्ञान
बन जायेगा तु भी खास रे
कर प्रयास रे, कर प्रयास रे