featured post

एक अपील

ऐ घर पे बैठे तमाशबीन लोग लुट रहा है मुल्क, कब तलक रहोगे खामोश शिकवा नहीं है उनसे, जो है बेखबर पर तु तो सब जानता है, मैदान में क्यों नही...

Saturday, 1 August 2015

ऑनलाइन ईमान

आज का यह नया दौर है
सामान ऑनलाइन बेचने की होड़ है
सोचता हूँ अगर ऑनलाइन बिकने लगे ईमान
तो कैसे कैसे रहेंगे दाम
बाबु तो रखेंगे पांच सौ से हज़ार
अफसरों के होंगे लाख के पार
करोड़ो में बिकेंगे नेताओ के ईमान
तो दस लाख से ऊपर रहेंगे इंजीनियरों के दाम
पुलिस महकमे का अपना ही एक अलग अंदाज दिखेगा
बेगुनाहों को कुछ प्रतिशत की छूट, तो गुनाहगारों को दुगने दाम पर मिलेगा
वकील कोर्ट के अनुसार तय करेंगे
जितना बड़ा कोर्ट दाम उतना ऊँचा रखेंगे
जज रिटायरमेंट के बाद पद की शर्त रखेगा
किसान मजदुर ईमान ना बेचेगा 

No comments:

Post a Comment

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है !